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सक्ति जिला कांग्रेस में मचा सियासी घमासान:गिरधर जायसवाल को दरकिनार कर रश्मि गाबेल को जिला अध्यक्ष बनाए जाने पर कार्यकर्ताओं में नाराज़गी

kshititech सक्ति जिला कांग्रेस में मचा सियासी घमासान:गिरधर जायसवाल को दरकिनार कर रश्मि गाबेल को जिला अध्यक्ष बनाए जाने पर कार्यकर्ताओं में नाराज़गी

सक्ति। जिला कांग्रेस कमेटी में मंगलवार को बड़ा फेरबदल करते हुए पार्टी नेतृत्व ने रश्मि गाबेल को नया जिला अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। इस नियुक्ति ने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है, क्योंकि दावेदारों की भीड़ में सबसे प्रमुख नाम गिरधर जायसवाल का माना जा रहा था। दोनों ही नेता नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के करीबी माने जाते हैं, जिससे अंदरखाने खींचतान और भी तेज हो गई है।

कांग्रेसी सूत्रों के मुताबिक पर्यवेक्षक की बैठक में कार्यकर्ताओं ने सबसे अधिक समर्थन गिरधर जायसवाल के नाम पर जताया था। जिले के सक्रिय कार्यकर्ताओं ने साफ तौर पर मांग की थी कि संगठन किसी ऐसे चेहरे को नेतृत्व दे जो लंबे समय से जमीन पर सक्रिय रहा हो। लेकिन इसके बावजूद पार्टी हाईकमान ने रश्मि गाबेल पर भरोसा जताते हुए उन्हें जिम्मेदारी सौंप दी।

इस फैसले के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या कार्यकर्ताओं की राय सिर्फ औपचारिकता निभाने के लिए ली गई थी? क्या पर्यवेक्षक की क्लास में दिखाई गई ‘लोकतांत्रिक प्रक्रिया’ मात्र दिखावा थी? राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अंतिम निर्णय पहले से ही तय था और औपचारिक सहमति का माहौल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं की राय मांगी गई।

दूसरी ओर रश्मि गाबेल की नियुक्ति को महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने और संगठन में नई ऊर्जा लाने की पहल बताया जा रहा है। उनके समर्थकों का कहना है कि रश्मि लंबे समय से पार्टी के कई मोर्चों पर सक्रिय रही हैं, और उन्हें जिला अध्यक्ष बनाना संगठन के लिए सकारात्मक कदम है।

फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में दो खेमे बनते दिख रहे हैं—एक पक्ष इसे योग्य नेतृत्व का चयन बता रहा है, तो दूसरा इस निर्णय को “कार्यकर्ताओं की भावना के विपरीत” मान रहा है।
अब जिले में नई जिला अध्यक्ष के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि वे इस अंदरूनी असंतोष को कैसे शांत करती हैं और संगठन को एकजुट कर आगे बढ़ाती हैं।

सक्ती जिले की राजनीति में यह बदलाव आने वाले दिनों में कई नए समीकरण पैदा कर सकता है।

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